Cyber Crime-हरियाणा के mewat (मेवात) में साइबर ठगो पर 5000 पुलिस वालों ने की सर्जिकल स्ट्राइक:14 गांव में मारी रेड,125 हैकर अरेस्ट,24 घंटे चली कार्रवाई।

mewat में Cyber Crime ( साइबर ठगी )

देश की राजधानी से सटा मेवात (mewat ) क्षेत्र पिछड़ेपन के साथ ही साइबर अपराध में हरियाणा के जामताड़ा के नाम से अपनी पहचान बना चूका है। देश में जामताड़ा के बाद साइबर अपराध के मामलों में देश का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र मेवात बन चुका है.मेवात क्षेत्र में बैठे ठग विभिन्न राज्यों के हजारो लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और उनसे लाखों की ठगी करते हैं।

अनपढ़ से लेकर आठवीं और दसवीं पास लगभग 40 गांव के युवा साइबर ठगी करने में सक्रिय हैं और ठगी करने में माहिर हैं। नूंह जिले के साथ ही मेवात क्षेत्र राजस्थान के भरतपुर और अलवर जिले तक फैला हुआ है।

यह लोग बैंक मैनेजर से लेकर बीमा कंपनी के अफसर बनकर पढ़े- लिखे व्यक्ति को बड़ी आसानी से अपने चंगुल में फंसा लेते हैं। इन बदमाशों ने फिल्म अभिनेताओं, सैन्य कर्मियों तथा कई प्रतिष्ठित नेताओं को भी चूना लगाया है।पिछले वर्ष दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेटी भी इन साइबर ठगों का शिकार बन गयी थी।

झोपड़ियों में बैठकर आनलाइन ठगी– online fraud

मेवात में बैठे साइबर अपराधी जहां झोपड़ियों में बैठकर आनलाइन ठगी( online fraud ) करते हैं, वहीं इन बदमाशों द्वारा राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तथा महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में एटीएम मशीनों को हैक करने की घटनाओं को अंजाम देने के साथ ही रुपये लूटने का काम किया है। हाल के दिनों में महाराष्ट्र, बैंगलूरु,आगरा, जयपुर तथा हैदराबाद की पुलिस ने यहां दबिश देकर कई साइबर ठगों को काबू किया है।

cyber crime में काम आने वाले मेवात क्षेत्र के 2 लाख सिम बंद-

हरियाणा पुलिस ने भी करीब 2 लाख सिम बंद कराए हैं,लेकिन इन सब के बावजूद भी साइबर ठगी के मामलो में लगातार वृद्धि ही देखी जा रही थी।

पुलिस पर लगातार इन साइबर ठगो के नेटवर्क को खत्म करने का दबाव बन रहा था।और इसी नेटवर्क को तोड़ने के लिए हरियाणा पुलिस ने एक बहुत बड़ी कार्यवाही इनके विरुद्ध की है।

cyber crime साइबर ठगो के विरुद्ध अभियान

डीआईजी एसटीएफ सिमरदीप सिंह ने आज (शुक्रवार) रेड के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि डीजीपी हरियाणा प्रशांत कुमार अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस ने साइबर अपराध में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ यह अभियान चलाया। एसपी नूंह वरुण सिंगला ने व्यापक कार्रवाई करते हुए इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई

एसपी नूंह वरुण सिंगला ने बताया कि चार अप्रैल से आठ अप्रैल तक भोंडसी में साइबर प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद पुलिस को मिली खुफिया जानकारी के बाद से ही नूंह में साइबर ठगों पर शिकंजा कसने के लिए इस विशेष ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की गई थी।

पुलिस ने पहले जिले के cyber crime( साइबर क्राइम ) के हॉटस्पॉट माने जाने वाले 14 गावों की मैपिंग कर टारगेट्स फिक्स किए। साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के तौर पर खेडला, लुहिंगा खुर्द, लुहिंगा कलां, गोकलपुर, गोधोला, अमीनाबाद, महू, गुलालता, जैवंत, जखोपुर, नई, तिरवाडा, मामलिका और पापड़ा गांव को चिन्हित करने के बाद ताबड़तोड़ छापेमारी कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जिला नूहं में पुलिस द्वारा आठ अप्रैल के बाद से साइबर ठगी के मामलों से संलिप्त 20 अपराधियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

102 रेडिंग टीमों ने की ताबडतोड़ कार्रवाई-cyber crime

इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए हरियाणा पुलिस ने 5000 से अधिक पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीमें गठित की जिसमें 1 एसपी, 6 एडिशन एसपी,14 डीएसपी सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने साइबर अपराध के खिलाफ अभियान छेड़ा। (गुरुवार) देर रात एक साथ नूहं जिले के 14 गावों में 300 लोकेशन पर छापेमारी कर 125 हैकर व साइबर अपराधियों को काबू किया।.


साइबर ठगों पर यह कार्रवाई पुलिस की विभिन्न जिलों की गठित की गई 102 रेडिग टीमों द्वारा की गई। । कल (गुरुवार) रात 11.30 बजे इस अभियान की शुरुआत हुई थी जिसके तहत कार्रवाई सुबह तक चली। पुलिस बल की ब्रीफिंग से लेकर विभिन्न टारगेट्स पर तलाशी अभियान तक इस ऑपरेशन की कुल अवधि 24 घंटे रही।

इस कार्यवाही में नई गांव से सर्वाधिक 31 साइबर अपराधियों को पकड़ा गया है। लुहिंगा कलां गांव से 25, जैवंत और जखोपुर से 20-20, खेडला और तिरवाडा से 17-17, और अमीनाबाद से 11 व अन्य गांव से भी साइबर अपराधी पकड़े गए हैं। पुलिस ने इन अपराधियों के पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, एटीएम और अन्य उपकरण के साथ ही नकदी भी बरामद की है। साथी ही 10 हजार रुपये के एक इनामी अपराधी साबिर उर्फ भूट्टू जिस पर 30 मामले दर्ज हैं को भी काबू किया गया है।

cyber क्राइम में काम आने वाले फर्जी सिम, एटीएम, स्मार्टफोन, लैपटॉप बरामद।
पकड़े गए अपराधियों और हैकर्स के पास से कुल 66 स्मार्टफोन्स, 65 फर्जी सिम, 166 आधार कार्ड, तीन लैपटॉप, अलग-अलग बैंकों के 128 एटीएम कार्ड, दो एटीएम स्वाइप मशीन, एक एईपीएस मशीन, छह स्कैनर, पांच पैन कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपियों के पास से सात देसी कट्टे, दो कारतूस, दो कार, चार टैक्टर-ट्राली, 22 मोटरसाइकिल भी बरामद किए गए हैं। पुलिस द्वारा साइबर व अन्य आपराधिक मामलों से संलिप्त 69 आरोपियों को टारगेट करते हुए छापेमारी की गई।

अन्य प्रदेशों से भी जुड़े हैं हैकरर्स के तार 


शुरुआती जांच में पकड़े गए आरोपियों के दूसरे राज्यों के साइबर अपराधियों के साथ भी संबंधों की बात सामने आई है जिसे लेकर जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि साइबर अपराध को रोकने के लिए पुलिस द्वारा सख्ती से कदम उठाने के साथ-साथ लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।

cyber crime साइबर क्राइम पर एक नजर-

मेवात में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़े हैं। राजस्थान पुलिस अनुसार वर्ष 2019 और 2022 के बीच 560 से अधिक साइबर क्राइम के मामले रिकार्ड हुए। इनमें अधिकांश मामले भरतपुर, अलवर तथा भिवाड़ी में दर्ज किए गए थे। इसी तरह नूंह में वर्ष 2021 और 2022 के बीच 49 मामले दर्ज किए गए हैं। नूंह पुलिस द्वारा इन मामलों से जुड़े 21 अपराधियों की गिरफ्तारी कर उनसे रिकवरी की जा चुकी है। साइबर अपराधियों की धरपकड़ के लिए दोनों राज्यों की पुलिस प्रयासों में जुटी हुई हैं,.

cyber crime की शिकायत

नूंह में साइबर थाना खुलने के बाद एक हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया गया है। जिसपर शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। लोगों से अपील है कि वे फोन पर आने वाले मैसेज या काल के दौरान किसी अंजान व्यक्ति से बात न करें अन्यथा साइबर ठगी के शिकार हो जाएंगे और ना ही किसी प्रकार के लिंक पर क्लिक करें।

https://newsjanit.com/2022/12/upi-mobile-payment-app.html <—Upi payment
https://newsjanhit.com/2022/11/pincode.html

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