नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव आनंद कुमार ने कहा कि हम निवेश के अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इज ऑफ डूइंग बिजनेस में और बढ़ोतरी करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा माहौल बनाने की कवायद है जिससे निवेश करने वाले को बिजनेस में रिस्क बहुत कम हो. हम ऐसा इकोसिस्टम बनाने की की ओर हैं जिसमें रीन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम आने वाले एंसिलरीज़ और उपकरण मेड इन इंडिया हो,हमारी मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज अपने एक्सपोर्ट के जरिए दुनिया की सेवा कर सके. फैक्टरियों के लिए जमीन तलाशने में तेजी
रीन्यूवेबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग एनर्जी पार्क बनाने के लिए देश के सभी राज्यों और पोर्ट ट्रस्ट को चिट्ठी लिख कर जमीन तलाशने को कहा है. ताकि चीन से भारत आने वाली संभावित कंपनियां कम समय में नए यूनिट लगाकर उत्पादन शुरू कर सकें. मंत्रालय ने यूनिट लगने पर एनर्जी पार्क को कई तरह के इंसेंटिव भी देने की योजना बनाई है.
एनर्जी पार्क में तैयार होंगे कई उत्पाद
इस पार्क में सोलर सेल, मॉड्युल्स, बैटरी, इनवर्टर जैसे वस्तुओं का उत्पादन होगा. साथ ही यहां सोलर एनर्जी से संबंधित अन्य प्रोडक्ट्स भी तैयार किए जाएंगे.इस समय सोलर सेल और मॉड्युल का 85% विदेशों से आयात किया जाता है. ,यानि सोलर पावर विदेशी इंपोर्ट के भरोसे ही है। सरकार को उम्मीद है कि अगर देश में नए सोलर पावर मैन्युफैक्चरिंग पार्क बने तो इस समस्या से निजात मिल सकती है। अंत में कहा जा सकता है की भारत की वर्तमान सरकार जो साहसिक फैसले ले रही है उनसे आने वाले समय में भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर जरूर होगा ।