हरियाणा में किसी आंदोलन में नुकसान होने पर उसकी भरपाई अब उपद्रवियो से करने का कानून लागु।

 

संपत्ति क्षति वसूली विधेयक-2021 आंदोलन के नाम पर उपद्रव करने पर अब हरियाणा में सार्वजानिक व् निजी सम्पति के नुकसान की भरपायी अपनी सम्पति कुर्क करवा कर करनी होगी। 


गृहमंत्री अनिल विज द्वारा प्रस्तुत किया गया संपत्ति क्षति वसूली विधेयक-2021 आज से हरियाणा में कानून बन गया है,पिछले कुछ सालो में हरियाणा में जाटआरक्षण के नाम पर दंगे तथा राम रहीम के अनुयायीयो द्वारा किया नंगा नाच पूरी दुनिया ने देखा है,इन दंगो में हजारो करोड़ की सरकारी व् निजी सम्पति का नुक्सान हुआ था.


अनिल विज 

अब इस कानून के लागु होने से उपद्रवियो में भय का माहौल होगा व इससे दंगो पर भी रोक लगाने में काफी हद तक सहायता मिलेगी,

सरकार का मानना है की सरकारी और निजी सम्पतियो की तोड़ फोड़ व् आगजनी रोकने का इससे बढ़िया रास्ता कोई और हो नहीं सकता। 

ज्यादातर देखा जाता है की भीड़ को चन्द लोग उकसाकर इस तरह की आगजनी और तोड़फोड़ को अंजाम देते है,अब इस कानून के बाद हिंसक आंदोलन का नेतृत्व करने वालों के साथ उन लोगों की भी खैर नहीं जो इसमें शामिल होकर न केवल लोगों को उकसाते हैं बल्कि तोड़फोड़ करते और कराते हैं। 

हरियाणा के मुख्य मंत्री ने कहा है की अब आंदोलन की आड़ में आगजनी व् तोड़फोड़ होने की स्थिति में हुए नुकसान की भरपायी अब आन्दोलनकारीयों से ही की जाएगी,आपको बता दे की उत्तरप्रदेश व  कई अन्य राज्य इससे पहले इस तरह के कानून को अपने यहाँ लागु कर चुके है। 

18 मार्च को बजट सत्र के दौरान हरियाणा विधानसभा में संपत्ति क्षति वसूली  विधेयक-2021को पारित कर दिया गया था.
13 मई को प्रदेश सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी थी।आज राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने इस बिल पर दस्तखत कर दिए हैं.

इस विधेयक की मुख्य बाते-

यदि किसी आंदोलन में सरकारी या प्राइवेट संपत्ति वाहन, पशु, आभूषण और ऐसी वस्तुएं व संपत्ति जिनकी कीमत कम से एक हजार रुपए या उससे अधिक है की क्षति होती है तो आप इसकी भरपाई के लिए मांग कर सकते हैं।

आंदोलन के दौरान संबंधित थाने का एसएचओ एफआईआर के साथ घटना की पूरी रिपोर्ट डीएम को देगा।

 इसके बाद डीएम मुआवजे के लिए दावे आमंत्रित करेंगे।

 दावों से सम्बन्धित सारे दस्तावेज क्लेम ट्रिब्यूनल के पास भेजे  जाएगे ।

 इसके बाद नुकसान का आंकलन होगा।

ट्रिब्यूनल आवेदक को अधिकतम 10 करोड़ रुपए तक मुआवजा दे सकेगा। यदि नुकसान हुई संपत्ति का बीमा है तो कंपनी से मिलने वाली राशि मुआवजे की राशि में समायोजित होगी। उतनी राशि बीमा कंपनी को वापस दे दी जाएगी।

इस विधेयक में ये भी प्रावधान है की अगर कोई उपद्रवी अपने ऊपर लगे जुर्माने को नहीं भरता है तो उसकी सम्पति व् बैंक खाते  कुर्क किये जा सकेंगे। 

किसी भी हिंसक आंदोलन से निपटने के लिए अगर अतिरिक्त पुलिस बल या अर्ध सैनिक बल को बुलाया जाता है तो इसका खर्चा भी इन आन्दोलनकारीयों से वसूला जाएगा। 

संपत्ति क्षति वसूली विधेयक-2021पर गृह मंत्री अनिल विज
का स्पष्ट शब्दों में कहना है की किसी भी तरह के आंदोलन व् विपक्ष के धरना प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करना इस विधेयक का मकसद नहीं है ,ये तो उन लोगो पर लगाम लगाने का प्रयास है जो इन आंदोलनों की आड़ में सरकारी व् निजी सम्पति को नुक्सान पहुंचाते है व् इस विधेयक से उन लोगो पर भी दबाव रहेगा जो पर्दे के पीछे रहकर इस तरह के आंदोलनों को भड़काते है। 

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