वायु प्रदुषण के चलते दिल्ली में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों पर लगी पाबंदी को आज से हटाया गया,पांच लाख वाहन मालिकों को राहत

सरकार ने दिल्ली में पंजीकृत पांच लाख वाहन मालिकों को राहत देते हुए वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के कारण लगाए गए  बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों पर लगा प्रतिबंध आज से हटा लिया है। इससे दिल्ली में पंजीकृत करीब  पांच लाख वाहन मालिकों को राहत मिलेगी। केंद्रीय वायु गुणवत्ता आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देश पर ऐसे वाहनों के चलने पर पाबंदी लगाई गई थी।

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक सोमवार 14 /11 /22  से बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहन सड़कों पर चल सकेंगे। पाबंदी लगाने के बाद से लगातार टैक्सी यूनियनों की तरफ से सरकार से पाबंदी को हटाने की मांग की जा रही थी।

दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर अब भी खतरनाक स्तर पर है। अन्य राज्यों में जलायी जा रही पराली दिल्ली की हवा को खराब कर रही है।

केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के अनुसार बीते 24 घंटे में पराली जलाने से दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में इसकी हिस्सेदारी 24 फीसदी रही है। वहीं, पीएम 2.5 से बड़े कणों की पीएम 10 में 57 फीसदी हिस्सेदारी रही। पीएम 10 का स्तर 220 व पीएम 2.5 का स्तर 122 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड किया गया। सामान्य तौर पर पीएम 2.5 का स्तर 60 व पीएम 10 का स्तर 100 माइक्रोमीटर से कम होने पर सुरक्षित श्रेणी में माना जाता है।

पंजाब में पराली जलाने की सबसे ज्यादा घटनाएं दर्ज 

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक,पराली जलाने की सबसे अधिक घटनाएं पंजाब में दर्ज की जा रही हैं। बीते 24 घंटे में पंजाब में 2175 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। वहीं राजस्थान में 63,मध्यप्रदेश में 773,हरियाणा में 132 और उत्तर प्रदेश में 102 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं।

दिल्ली में एक भी स्थान पर पराली नहीं जली है। लेकिन दिल्ली वासी पड़ोसी राज्यों में जलायी  जा रही पराली के कारण गैस चैम्बर में रहने को मजबुर है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक तरफ पराली जल रही है और दूसरी तरफ हवा भी उत्तर-पश्चिम की दिशा से आ रही है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बनी हुई अनुकूल मौसमी परिस्थितियों की वजह से दिल्ली-एनसीआर की हवा अधिक नहीं बिगड़ रही है।

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